केंद्र सरकार (CCEA) ने आगामी विपणन सत्र 2026-27 के लिए रबी और खरीफ फसलों की नई MSP दरें जारी कर दी हैं।
अगर आप सोच रहे हैं कि इस बार किस फसल पर सबसे ज़्यादा MSP तय हुआ है या किसमें सबसे बड़ी बढ़ोतरी हुई है, तो यहाँ आसान भाषा में पूरी डिटेल दी गई है।
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Toggleकिस फसल में हुई सबसे बड़ी बढ़ोतरी?
- खरीफ सीजन: सबसे बड़ा उछाल सूरजमुखी के बीज (Sunflower Seed) में देखा गया है, जहाँ MSP में सीधे ₹622 प्रति क्विंटल का इजाफा हुआ है।
- रबी सीजन: रबी फसलों में सबसे ज़्यादा बढ़ोतरी कुसुम (Safflower) में दर्ज की गई है, जहाँ भाव ₹600 प्रति क्विंटल बढ़ाया गया है।

सबसे ज्यादा MSP देने वाली फसलें (2026-27)
प्रति क्विंटल सबसे अधिक न्यूनतम समर्थन मूल्य (Absolute Maximum MSP) पाने वाली टॉप फसलें हैं:
- तिल (Sesamum): ₹10,346 / क्विंटल (खरीफ)
- रामतिल (Nigerseed): ₹10,052 / क्विंटल (खरीफ)
- मूंग (Moong): ₹8,780 / क्विंटल (खरीफ)
- कपास – लंबा रेशा (Cotton Long Staple): ₹8,667 / क्विंटल (खरीफ)
- अरहर / तुअर (Tur/Arhar): ₹8,450 / क्विंटल (खरीफ)

कीमत बढ़ोतरी (Highest Hike): 2026-27 सत्र के लिए खरीफ में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी सूरजमुखी बीज (₹622/क्विंटल) में और रबी फसलों में कुसुम / सेफलोवर (₹600/क्विंटल) में की गई है।
केंद्रीय मंत्रिमंडल (CCEA) द्वारा विपणन सत्र 2026-27 के लिए खरीफ और रबी फसलों की न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) दरों में की गई वृद्धि की पूरी सूची और विवरण नीचे दिए गए हैं:
फसलों की नई MSP दरें इस प्रकार है –
मुख्य फसलों की नई MSP दरें (2026-27)
| फसल | नई MSP 2026-27 (₹/क्विंटल) | पिछले वर्ष से वृद्धि (₹/क्विंटल) |
| तिल (Sesamum) | ₹10,346 | +₹500 |
| नाइजरसीड (Nigerseed) | ₹10,052 | +₹515 |
| मूंग (Moong) | ₹8,780 | +₹12 |
| कपास (Long Staple) | ₹8,667 | +₹557 |
| अरहर / तुअर (Tur/Arhar) | ₹8,450 | +₹450 |
| सूरजमुखी बीज (Sunflower) | ₹8,343 | +₹622 |
| उड़द (Urad) | ₹8,200 | +₹400 |
| मूंगफली (Groundnut) | ₹7,517 | +₹254 |
| सोयाबीन (Soybean Yellow) | ₹5,708 | +₹380 |
| रागी (Ragi) | ₹5,205 | +₹319 |
| धान (Paddy – Common) | ₹2,441 | +₹72 |
| मक्का (Maize) | ₹2,410 | +₹10 |
प्रमुख रबी फसलें (Rabi Crops)
| फसल | नई MSP 2026-27 (₹/क्विंटल) | पिछले वर्ष से वृद्धि (₹/क्विंटल) |
| मसूर (Masur) | ₹6,500 | +₹250 |
| कुसुम (Safflower) | ₹5,940 | +₹600 |
| सरसों (Mustard) | ₹5,650 | +₹250 |
| चना (Chana) | ₹5,550 | +₹200 |
| गेहूं (Wheat) | ₹2,585 | +₹160 |
| जौ (Barley) | ₹1,980 | +₹100 |
प्रमुख खरीफ फसलें (Kharif Crops MSP 2026-27)
| फसल | नया MSP (2026-27) | पुराना MSP (2025-26) | कुल वृद्धि (₹/क्विंटल) |
|---|---|---|---|
| धान (सामान्य) | ₹2,441 | ₹2,369 | ₹72 |
| धान (ग्रेड-A) | ₹2,461 | ₹2,389 | ₹72 |
| ज्वार (हाइब्रिड) | ₹4,023 | ₹3,699 | ₹324 |
| बाजरा | ₹2,900 | ₹2,775 | ₹125 |
| मक्का | ₹2,410 | ₹2,400 | ₹10 |
| तुअर / अरहर | ₹8,450 | ₹8,000 | ₹450 |
| मूंग | ₹8,780 | ₹8,768 | ₹12 |
| उड़द | ₹8,200 | ₹7,800 | ₹400 |
| मूंगफली | ₹7,517 | ₹7,263 | ₹254 |
| सूरजमुखी बीज | ₹8,343 | ₹7,721 | ₹622 |
| सोयाबीन (पीला) | ₹5,708 | ₹5,328 | ₹380 |
| तिल (Sesamum) | ₹10,346 | ₹9,846 | ₹500 |
| रामतिल (Nigerseed) | ₹10,052 | ₹9,537 | ₹515 |
| कपास (मध्यम रेशा) | ₹8,267 | ₹7,710 | ₹557 |
| कपास (लंबा रेशा) | ₹8,667 | ₹8,110 | ₹557 |
ऑनलाइन मंडी भाव
सरकार की इस नीति से किसानों को क्या फायदा?
- कम से कम 50% मुनाफा: इन सभी MSP दरों को तय करते समय सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि किसानों को उनकी उत्पादन लागत (Cost of Production) के ऊपर कम से कम 50% का मुनाफा मिले।
- गेहूँ पर सबसे ज़्यादा रिटर्न: अगर लागत के मुकाबले मुनाफ़े का प्रतिशत देखें, तो इस बार गेहूँ उगाने वाले किसानों को सबसे अधिक यानी लगभग 109% का अनुमानित लाभ मिलेगा।
- तिलहन और दलहन पर ज़ोर: सरकार का मुख्य मकसद दालों और तेल वाली फसलों की खेती को बढ़ावा देना है, ताकि देश इन मामलों में आत्मनिर्भर बन सके।
नोट: सरकार की इस नीति का मुख्य उद्देश्य उत्पादन लागत पर कम से कम 50% का शुद्ध मुनाफा सुनिश्चित करना और दलहन-तिलहन फसलों की खेती को बढ़ावा देना है।
स्रोत: कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार

Frequently Asked Questions (FAQ)
FAQ 1: MSP क्या है और यह कैसे तय होती है?
उत्तर: न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) वह न्यूनतम दर होती है जिस पर सरकार किसानों से फसल खरीदती है। इसे CACP (कृषि लागत और मूल्य आयोग) की सिफारिशों के आधार पर तय किया जाता है, ताकि बाज़ार में दाम गिरने पर भी किसानों को नुकसान न हो।
FAQ 2: रबी और खरीफ फसलों की MSP कौन तय करता है?
उत्तर: भारत सरकार का CACP (कृषि लागत और मूल्य आयोग) फसलों के उत्पादन लागत का आकलन करके MSP की सिफारिश करता है। इसके बाद CCEA (आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति) द्वारा इसे अंतिम मंजूरी दी जाती है।
FAQ 3: क्या किसान MSP से कम दाम पर अपनी फसल बेचने के लिए मजबूर हैं?
उत्तर: सरकारी क्रय केंद्रों (Procurement Centres) पर फसल बेचने पर किसानों को सरकार द्वारा घोषित MSP का पूरा दाम मिलता है। हालाँकि, खुली मंडी या स्थानीय व्यापारियों को बेचते समय भाव बाज़ार की मांग और आपूर्ति के आधार पर ऊपर-नीचे हो सकते हैं।
FAQ 3: क्या इस वर्ष की फसलों की नई MSP दरें किसानों की आय बढ़ा पाएगी?
उत्तर: इस वर्ष सरकार द्वारा घोषित फसलों की नई MSP दरें किसानों की आय बढ़ाने में सहायक होंगी।





